एनजाइना को क्या आसान बनाता हैHealthPlanet

Posted on Mon 5th Dec 2022 : 11:30

एनजाइना (Angina)

एनजाइना के प्रकारएनजाइना के लक्षणएनजाइना के कारणएनजाइना का निदानएनजाइना का इलाज

एनजाइना को एनजाइना पेक्टोरिस (Angina pectoris) के नाम से भी जाना जाता है। यह छाती में दर्द का एक प्रकार है, जिसमें दर्द के साथ-साथ सीने में जकड़न व भारीपन भी महसूस होता है। एनजाइना आमतौर पर हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त ब्लड ऑक्सीजन न मिलने के कारण होता है। पर्याप्त ऑक्सीजन न मिल पाने के कारण प्रमुख रूप से हृदय को रक्त पहुंचाने वाली धमनी (कोरोनी आर्टरी) सिकुड़ने लग जाती है, जो कि कोरोनरी आर्टरी डिजीज का शुरुआती लक्षण होता है। हालांकि, कई बार इन लक्षणों को पाचन प्रणाली से संबंधित समस्याओं का लक्षण समझ लिया जाता है। एनजाइना आमतौर पर तब होता है, जब व्यक्ति भावनात्मक या शारीरिक तनाव में हो। वैसे तो एनजाइना में होने वाला दर्द सीने में ही महसूस होता है, लेकिन कई बार यह कंधे, हाथ, गर्दन, गले, जबड़े, पेट और पीठ के हिस्सों में भी महसूस हो सकता है। एनजाइना कई प्रकार का होता है, जिसमें स्टेबल एनजाइना सबसे आम प्रकार है। स्टेबल एनजाइना भविष्य में जल्द ही हार्ट आने का संकेत भी हो सकता है। हालांकि, स्टेबल एनजाइना की तुलना में अनस्टेबल एनजाइना में काफी दर्द होता है, जिसमें आपातकालीन स्थितियों में इलाज कराने की आवश्यकता पड़ सकती है।

एनजाइना के प्रकार

एनजाइना में होने वाले दर्द और वह कितनी देर रहता है आदि के आधार पर एनजाइना को कुल चार प्रकारों में विभाजित किया गया है। एनजाइना के निम्न प्रकार हैं -

स्टेबल एनजाइना - यह तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों को रक्त पंप करने के लिए सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। भावनात्मक व शारीरिक तनाव और अत्यधिक ठंडा मौसम होने जैसी स्थितियां अक्सर स्टेबल एनजाइना का कारण बन जाती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसी स्थितियों में हृदय को रक्त पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। स्टेबल एनजाइना आमतौर पर थोड़े समय के लिए होता है और आराम करने व दवाओं से इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है।
अनस्टेबल एनजाइना - एनजाइना का यह प्रकार आमतौर पर बिना किसी तनाव के जब आप आराम कर रहे होते हैं, उस दौरान होता है। अनस्टेबल एनजाइना आमतौर पर प्रमुख कोरोनरी आर्टरी में किसी प्रकार की रुकावट होने के कारण होता है और ऐसा आमतौर पर धमनी में प्लाक जमने या अन्य किसी कारण से हो सकता है। अनस्टेबल एनजाइना में होने वाला दर्द आमतौर पर 10 से 15 मिनट तक रह सकता है।
प्रिन्जमेटल एनजाइना - इसे वेरिएंट एनजाइना भी कहा जाता है, जो आमतौर पर कोरोनरी धमनी में ऐंठन होने के कारण होता है। प्रिन्जमेटल एनजाइना का दर्द आमतौर पर व्यक्ति के आराम करने के दौरान होता है, जैसे आधी रात या सुबह के समय।
माइक्रोवैस्कुलर एनजाइना - एनजाइना के इस प्रकार में होने वाला दर्द आमतौर पर 10 मिनट से लेकर 30 मिनट रह सकता है, जो आमतौर पर अलग-अलग कारकों पर निर्भर करता है। माइक्रोवैस्कुलर एनजाइना आमतौर पर सबसे छोटी धमनी में रक्तस्राव प्रभावित होने के कारण होता है।

एनजाइना के लक्षण

सीने में दर्द होना एनजाइना का प्रमुख लक्षण माना जाता है, लेकिन इसकी कुछ विशेषताएं भी हैं जो इसे सामान्य छाती के दर्द से अलग करती हैं। छाती का दर्द हृदय से संबंधित नहीं होता है, जबकि एनजाइना हृदय की मांसपेशियों और धमनियों से संबंधित समस्या है। वहीं एनजाइना में सीने में दर्द होने के साथ-साथ सीने में भारीपन, जकड़न और दबाव भी महसूस होता है। एनजाइना के दौरान होने वाला दर्द ब्रेस्टबोन के पीछे महसूस होता है। यह दर्द कई बार गर्दन, जबड़े, बांह, पीठ और दांतों में भी महसूस हो सकता है। एनजाइना से ग्रसित व्यक्ति को अपच, सीने में जलन, कमजोरी, ज्यादा पसीना आना, जी मिचलाना और सांस फूलना जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।

छाती में किसी भी प्रकार का दर्द या अन्य तकलीफ जो आराम करने के दौरान भी विकसित हो जाती है और लगातार 10 मिनट तक प्रभावित करती है, ऐसी स्थिति को जल्द से जल्द डॉक्टर से दिखा लेना चाहिए। अगर आपको सीने में दर्द के साथ-साथ निम्न लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो आपको बिना देरी करते हुए जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए -

ज्यादा पसीना आना
चक्कर आना
कमजोरी
जी मिचलाना
सिर चकराना

एनजाइना के कारण

एनजाइना सीने में होने वाला दर्द व अन्य तकलीफ है, जो प्रमुख रूप से हृदय में ऑक्सीजन की कमी के कारण विकसित होता है। हृदय को पर्याप्त या पूरी तरह से ऑक्सीजन न मिल पाने का कारण हृदय को ऑक्सीजन की सप्लाई देने वाली धमनी में किसी प्रकार की रुकावट होना है।

एनजाइना के जोखिम कारक

कोरोनरी धमनियों की अंदरूनी सतह में वसा जमा होने के कारण कई बार वे अंदर छोटी होने लगती हैं। धमनियां संकरी होने (अंदर से सिकुड़ने) को एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है। धमनियों में वसा जमने के पीछे कई अलग-अलग कारक हो सकते हैं, जिनमें निम्न भी शामिल हैं -

अस्वास्थ्यकर आहार
मोटापा
धूम्रपान करना
गतिहीन जीवनशैली
कोलेस्ट्रॉल बढ़ना
डायबिटीज मेलिटस कंट्रोल न होना
बढ़ती उम्र
पुरुष (महिलाओं की तुलना में पुरुषों को धमनियों के रोग होने का अधिक खतरा होता है)
आनुवांशिक कारक या फैमिली हिस्ट्री
पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाएं (रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं को हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है)
मानसिक रोग

एनजाइना का निदान

एनजाइना और सामान्य सीने के दर्द के बीच अंतर पता लगाना मरीज के लिए मुश्किल हो सकता है। इसलिए सबसे बेहतर विकल्प यही है कि सीने में दर्द होने पर उसकी डॉक्टर से जांच कराई जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि घर पर ही बीमारी का पता लगाना कई बार मरीज के लिए घातक हो सकता है। छाती का दर्द सीने में मौजूद किसी भी अंग में हो सकता है जिनमें फेफड़े, पसलियां, भोजन नली, एओर्टा और पेरिकार्डियम भी शामिल हैं। डॉक्टर आपको महसूस हो रहे लक्षणों के बारे में पूछते हैं और साथ ही अंदरूनी कारणों की जानकारी लेते हैं। साथ ही निम्न टेस्ट व इमेजिंग स्कैन भी किए जा सकते हैं -

ब्लड टेस्ट
स्ट्रेस टेस्ट
ईसीजी
इकोकार्डियोग्राफी
कोरोनरी एंजियोग्राफी
स्ट्रेस टेस्ट

एनजाइना का इलाज

एनजाइना की गंभीरता और अंदरूनी कारण के अनुसार उसका इलाज दवाओं और सर्जरी प्रोसीजर से किया जाता है, जिसके बारे में निम्न जानकारी दी गई है -

एनजाइना का इलाज करने के लिए दवाएं

एनजाइना का इलाज करने और उसे फिर से होने से रोकने के लिए नाइट्रेट दवाएं देना
रक्त के थक्के बनने से रोकने और रक्त के बहाव में सुधार करने के लिए नाइट्रोग्लिसरीन, एस्पिरिन और क्लोपिड्रोजेल दवाएं देना।
दिल की तेज धड़कनों को सामान्य स्तर पर लाने और हृदय को सामान्य रूप से कार्य करने में मदद करने के लिए बीटा ब्लॉकर दवाएं
कोलेस्ट्रॉल और धमनियों में एथेरोस्क्लेरोसिस को कम करने के लिए रोसुवास्टेटिन और एटोरवास्टेटिन दवाएं देना।


एनजाइना का इलाज करने के लिए सर्जरी

एंजियोप्लास्टी - रुकी हुई धमनियों को खोलने के लिए एंजियोप्लास्टी सबसे आम सर्जरी प्रोसीजर है। इसमें स्टेंट नामक डिवाइस के इस्तेमाल से रुकी हुई धमनी को खोल दिया जाता है।
बाईपास सर्जरी - इस सर्जरी प्रोसीजर के दौरान टांग से स्वस्थ रक्त वाहिका के टुकड़े को निकाल लिया जाता है, जिसे ग्राफ्ट कहते हैं। इसके अलावा बांह के अगले हिस्से या छाती से भी रक्त वाहिका के टुकड़े को निकाला जा सकता है और उसकी मदद से प्रभावित धमनी के हिस्से को बाईपास कर दिया जाता है।

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